Mumbai Indians Vs Chennai Super Kings Final Csk Vs Mi Ipl 2019  – Ipl 2019: चेन्नई और मुंबई के बीच खिताबी जंग आज, कौन तोडे़गा चार का चक्रव्यूह?


चेन्नई बनाम मुंबई
– फोटो : अमर उजाला

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IPL की दो सबसे सफल टीम मुंबई और चेन्नई रविवार को 12वें सीजन के खिताब के लिए एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। संयोग यह है कि चार का अंक अहम हो गया है। दोनों टीमें चौथे खिताब के लिए उतरेगी। दोनों के बीच यह चौथी खिताबी जंग होगी। मुंबई को फाइनल से पहले चार दिन का आराम मिला है। इस सत्र में मुंबई की टीम चेन्नई को तीन बार हरा चुकी है और फिर जीतती है तो चौथी ही जीत होगी। 

रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई ने अभी तक चार फाइनल खेले हैं जिसमें से तीन में खिताब उसकी झोली में रहा है जिसमें दो बार 2013 और 2015 में वह चेन्नई सुपरकिंग्स के ही खिलाफ थी। वहीं चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने आठवें फाइनल में प्रवेश किया है। उसके लिए यह सत्र काफी अच्छा रहा, विशेषकर पिछले साल के बाद जब उसने दो साल के निलंबन से वापसी करते हुए खिताब हासिल किया था। भले ही नतीजा कुछ भी रहे, लेकिन यह फाइनल इन दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता का एक और यादगार अध्याय जोड़ देगा।
 
मुंबई को ढूंढनी होगी स्पिन की काट 
चेन्नई को फाइनल से पहले अपनी रणनीति अच्छी तरह तैयार करनी होगी क्योंकि चेन्नई इस सत्र में मुंबई को एक बार भी नहीं हरा पाई है। रोहित एंड कंपनी को चेन्नई के स्पिनरों से चतुराई से निपटना होगा क्योंकि अन्य टीमों के बल्लेबाज इमरान ताहिर, हरभजन सिंह और रविंद्र जडेजा के सामने जूझते दिखे। चेन्नई के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने भी प्रभावित किया है, उन्होंने अभी तक 19 विकेट चटकाए हैं।

क्वालिफायर-2 में दिल्ली के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज शेन वाटसन की खराब फॉर्म चेन्नई के लिए चिंता का सबब थी लेकिन दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उन्होंने 50 रन की पारी खेली और सलामी जोड़ीदार फाफ डू प्लेसिस के साथ पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की जो जीत का आधार बनी। अपनी 32 गेंदों पर खेली शतकीय पारी के दौरान वाटसन ने कीमो पॉल के ओवर में तीन छक्के और एक चौका भी जड़ा। चेन्नई के लिए अभी तक कप्तान धोनी शानदार भूमिका अदा कर रहे हैं। रणनीतिक कौशल के अलावा विकेटकीपिंग और फिनिशर के रूप में वह टीम के इस सीजन में कई उपयोगी पारियां खेल चुके हैं। 

चेन्नई : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), सुरेश रैना, अंबाती रायडू, शेन वाटसन, फाफ डू प्लेसिस, मुरली विजय, रविंद्र जडेजा, ध्रुव शौरी, चैतन्य विश्नोई, रितुराज गायकवाड़, ड्वेन ब्रावो, कर्ण शर्मा, इमरान ताहिर, हरभजन सिंह, मिशेल सैंटनर, शार्दुल ठाकुर, मोहित शर्मा, केएम आसिफ, दीपक चाहर, एन जगदीशन, स्काट कुगेलेजिन। 

मुंबई  : रोहित शर्मा (कप्तान), क्विंटन डी कॉक, सूर्य कुमार यादव, युवराज सिंह, किरोन पोलार्ड, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, मिचेल मैक्लेनघन, अनमोलप्रीत सिंह, सिद्धेश लाड, अंकुल राय, इविन लुईस, पंकज जायसवाल, बेन कटिंग, इशान किशन, आदित्य तारे, रसिक सलाम, बरिंदर सरां, जयंत यादव, बी हैंड्रिक्स और लसिथ मलिंगा।  

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03 : खिताबी भिड़ंत में दो बार मुंबई ने चेन्नई को दी है मात 

 

IPL के बाद विश्व कप शुरू हो रहा है तो ऑस्ट्रेलिया के प्रतिबंधित सितारों स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के लिए लीग की काफी अहमियत रही जिन्होंने गेंद से छेड़छाड़ के लिए एक साल का प्रतिबंध खत्म करने के बाद शानदार वापसी की।

वॉर्नर ने OPL 692 रन जोड़े और उनके टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन जुटाने वाले खिलाड़ी बने रहने की उम्मीद है। जॉनी बेयरस्टो के साथ उनकी जोड़ी काफी खतरनाक रही। वहीं भारत के हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुल के लिए यह टूर्नामेंट यादगार रहेगा क्योंकि विश्व कप से पहले लीग में ये दोनों अपनी फॉर्म में दिख रहे हैं।

टीवी शो में महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणियों के कारण बीसीसीआई का निलंबन झेलने के बाद पंड्या और राहुल ने आईपीएल टीमों के लिए अपनी अहमियत साबित की। पंड्या तो अभी मुंबई के लिए फाइनल खेलेंगे। वह और केकेआर के आंद्रे रसेल गेंद को इतनी बेहतरीन तरीके से हिट करते हैं कि सभी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर कई विवाद भी हुए जिसमें किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन और करिश्माई चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के विवाद अहम रहे। अश्विन ने पूरे क्रिकेट जगत में ‘खेल भावना’ का विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने जोस बटलर को ‘मांकड़िंग’ से आउट किया।

कुछ ने उनका समर्थन किया तो कुछ उनके खिलाफ दिखे। इस विवाद में एमसीसी का भी ध्यान अपनी ओर खींचा जो खेल के नियमों की कर्ता धर्ता है। दो हफ्ते बाद कैप्टन कूल धोनी के कदम पर सवाल उठाये गये जब नो-बॉल के फैसले पर वह डगआउट से भागते हुए अंपायर तक पहुंच गए और अपना आपा खो दिया।

अंपायरों ने भी कई गलत फैसले किए जिससे भारतीय अंपायरों के स्तर पर गंभीर सवाल उठे। अगले सत्र की योजना में ओवर गति का मुद्दा उठाये जाने की जरूरत है क्योंकि कुछ मैच आधी रात से ज्यादा देर तक चले।

IPL की दो सबसे सफल टीम मुंबई और चेन्नई रविवार को 12वें सीजन के खिताब के लिए एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। संयोग यह है कि चार का अंक अहम हो गया है। दोनों टीमें चौथे खिताब के लिए उतरेगी। दोनों के बीच यह चौथी खिताबी जंग होगी। मुंबई को फाइनल से पहले चार दिन का आराम मिला है। इस सत्र में मुंबई की टीम चेन्नई को तीन बार हरा चुकी है और फिर जीतती है तो चौथी ही जीत होगी। 

रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई ने अभी तक चार फाइनल खेले हैं जिसमें से तीन में खिताब उसकी झोली में रहा है जिसमें दो बार 2013 और 2015 में वह चेन्नई सुपरकिंग्स के ही खिलाफ थी। वहीं चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने आठवें फाइनल में प्रवेश किया है। उसके लिए यह सत्र काफी अच्छा रहा, विशेषकर पिछले साल के बाद जब उसने दो साल के निलंबन से वापसी करते हुए खिताब हासिल किया था। भले ही नतीजा कुछ भी रहे, लेकिन यह फाइनल इन दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता का एक और यादगार अध्याय जोड़ देगा।
 
मुंबई को ढूंढनी होगी स्पिन की काट 
चेन्नई को फाइनल से पहले अपनी रणनीति अच्छी तरह तैयार करनी होगी क्योंकि चेन्नई इस सत्र में मुंबई को एक बार भी नहीं हरा पाई है। रोहित एंड कंपनी को चेन्नई के स्पिनरों से चतुराई से निपटना होगा क्योंकि अन्य टीमों के बल्लेबाज इमरान ताहिर, हरभजन सिंह और रविंद्र जडेजा के सामने जूझते दिखे। चेन्नई के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने भी प्रभावित किया है, उन्होंने अभी तक 19 विकेट चटकाए हैं।


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