6 Years In Prison To Convicted Of Arson And Breakage At Police Post – आरक्षण आंदोलन में पुलिस चौकी को आग लगाने और तोड़फोड़ करने के दोषी को छह साल की कैद


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Updated Wed, 20 Mar 2019 12:41 AM IST

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने आरक्षण आंदोलन के दौरान बारोटा पुलिस चौकी को आग लगाने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को छह साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 57 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में कई अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। 

विदित रहे कि 21 फरवरी, 2016 को तत्कालीन बारोटा चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि तड़के तीन बजे उनकी पुलिस पार्टी चौकी के पास मौजूद थी। उस दौरान मूलरूप से रोहतक के सांपला व घटना के समय ट्यूलिप सिटी बारोटा में रहने वाला मनोज अपने साथ 30-40 अन्य को लेकर चौकी में आ गया था। उन्होंने चौकी का दरवाजा तोड़ दिया था।

इस पर उन्होंने मनोज को समझाया था कि धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में वह उत्पात न करें। उन्होंने एक न सुनी और अंदर आकर तोड़फोड़ कर दी। उन्होंने रिकॉर्ड व सामान में आग लगा दी। आरोपियों ने पुलिस चौकी में नुकसान पहुंचाने के साथ ही सरकारी काम में बाधा पहुंचाई थी। साथ ही डीसी के आदेशों की अवहेलना की थी। 

बाद में आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सीआरपीसी की धारा 148, 149, 186, 188, 353, 427, 436, 452 व 3 पीडीपीपी एक्ट 1984 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी मनोज व कई अन्य को गिरफ्तार किया था। जिन्हें अदालत में पेश कर दिया था। 

मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अश्विनी कुमार की अदालत ने मनोज को दोषी करार दिया है। अदालत ने मनोज को आईपीसी की धारा 436 आईपीसी में छह साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद, 3 पीडीपीपी एक्ट 1984 में पांच साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद, 148 आईपीसी में तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, 452 आईपीसी में तीन साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माना, 427 आईपीसी में दो साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

जठेड़ी में है मनोज का ननिहाल 
बारोटा चौकी में आग लगाने व तोड़फोड़ के मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए मनोज का गांव जठेड़ी में ननिहाल है। घटनास्थल पर फोटो भी लिए गए थे। जिसमें भी मनोज दिखाई दे रहा था। अब उसे अदालत ने सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने आरक्षण आंदोलन के दौरान बारोटा पुलिस चौकी को आग लगाने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को छह साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 57 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में कई अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। 

विदित रहे कि 21 फरवरी, 2016 को तत्कालीन बारोटा चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि तड़के तीन बजे उनकी पुलिस पार्टी चौकी के पास मौजूद थी। उस दौरान मूलरूप से रोहतक के सांपला व घटना के समय ट्यूलिप सिटी बारोटा में रहने वाला मनोज अपने साथ 30-40 अन्य को लेकर चौकी में आ गया था। उन्होंने चौकी का दरवाजा तोड़ दिया था।





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